जन्माष्टमी मेला को लेकर जिला प्रशासन की व्यापक तैयारी
भीड़ नियंत्रण, यातायात, सीसीटीवी, अग्निशमन और रात्रि गश्ती की रहेगी विशेष व्यवस्था

बेगूसराय/ चूड़ामणि अनुभव
बेगूसराय, 31 अगस्त। आगामी 4 सितंबर को आयोजित होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं तेघड़ा में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, मद्य निषेध, नागरिक सुविधाओं एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की गई।
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को पर्व के दौरान शांति एवं सौहार्द बनाए रखने तथा संवेदनशील एवं प्रमुख स्थलों, मंदिरों और मेला परिसरों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा।
तेघड़ा मेले में रात्रि गश्ती और वैकल्पिक निकास मार्ग
तेघड़ा जन्माष्टमी मेले में रात्रि के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रभावी भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक निकास मार्ग चिन्हित किए जाएंगे। पूरे मेला अवधि में विशेष रात्रि गश्ती के साथ दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
अवैध शराब के खिलाफ चलेगा अभियान
डीएम ने मद्य निषेध विभाग एवं पुलिस प्रशासन को अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री एवं परिवहन के विरुद्ध संयुक्त रूप से सघन छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया।
सीसीटीवी और खोया-पाया केंद्र से बढ़ेगी सुरक्षा
मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूजा पंडालों, भीड़भाड़ वाले मार्गों तथा प्रमुख प्रवेश एवं निकास स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। मेले में बिछड़ने वाले बच्चों एवं अन्य लोगों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए मेला समिति के सहयोग से खोया-पाया नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।
पूजा समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने तथा उन्हें पहचान-पत्र उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।
बिजली और अग्नि सुरक्षा पर विशेष जोर
मेला क्षेत्र एवं प्रमुख मार्गों पर झुके हुए बिजली के पोल तथा लटकते तारों को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुसार जनरेटर बैकअप की व्यवस्था भी की जाएगी।
पूजा पंडालों एवं संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन उपकरण उपलब्ध कराने तथा चिन्हित स्थानों पर दमकल वाहनों की तैनाती की जाएगी।
यातायात व्यवस्था होगी व्यवस्थित
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मेला संपर्क मार्गों पर विशेष यातायात नियंत्रण व्यवस्था रहेगी। भारी वाहनों की आवाजाही एवं गति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर एवं ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाएगी। स्वयंसेवकों के सहयोग से श्रद्धालुओं के आवागमन को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मेला क्षेत्रों में अस्थायी शौचालय, शुद्ध पेयजल, पानी के टैंकर, पर्याप्त प्रकाश एवं नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक अनुज्ञप्ति के मेला अथवा अन्य आयोजन की अनुमति नहीं होगी। सभी आयोजकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन करना होगा। मूर्ति विसर्जन भी पुलिस की निगरानी में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कराया जाएगा।
डीएम ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, नगर कार्यपालक पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी एवं अधीक्षक मद्य निषेध सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।





