15 दिवसीय चित्रकला प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

बेगूसराय/ चूड़ामणि अनुभव
नाबार्ड एवं जिला उद्योग केंद्र, बेगूसराय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय चित्रकला प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन मंगलवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में पेंटिंग प्रदर्शनी के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं छात्राओं में कला कौशल का विकास करना, उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करना तथा मिथिला चित्रकला जैसी पारंपरिक लोक कलाओं को बढ़ावा देना था।
समापन अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी में प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं एवं छात्राओं द्वारा तैयार की गई मिथिला पेंटिंग सहित विभिन्न कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराएं, प्रकृति, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को आकर्षक एवं रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों की कलात्मक अभिव्यक्ति एवं रंगों के सुंदर संयोजन ने उपस्थित लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी बेगूसराय श्री श्रीकांत शास्त्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिथिला चित्रकला बिहार की पहचान एवं गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि महिलाओं एवं युवतियों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर भी सृजित करते हैं। जिला पदाधिकारी ने प्रतिभागियों के उत्साह, रचनात्मकता एवं समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि कला व्यक्ति की कल्पनाशीलता को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागी भविष्य में अपनी कला को और निखारते हुए राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित करेंगे। कार्यक्रम में जिला उद्योग प्रबंधक सुश्री ज्ञानेश्वरी, कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री श्याम सहनी सहित प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े प्रतिभागी, प्रशिक्षक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समापन अवसर पर प्रतिभागियों के उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी कला एवं कौशल विकास गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।




