दिनकर की 118वीं जयंती पर माल्यार्पण, व्याख्यान व सम्मान समारोह समेत कई कार्यक्रम आयोजित

बेगूसराय/ चूड़ामणि अनुभव, राजीव कुमार
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन, बेगूसराय एवं कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृति एवं उनके साहित्यिक योगदान को नमन करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर माल्यार्पण, व्याख्यान एवं सम्मान समारोह सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। जयंती के अवसर पर प्रातः विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दिनकर भवन, बेगूसराय, स्वर्ण जयंती पुस्तकालय, दिनकर चौक जीरोमाइल, दिनकर ग्राम सिमरिया तथा दिनकर आवास सिमरिया में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा एवं स्मृति स्थल पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी, बेगूसराय श्री रिची पांडेय, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष, माननीय विधायक, बेगूसराय श्री कुंदन कुमार, कार्यपालक निदेशक, बरौनी रिफाइनरी, महापौर, नगर निगम श्रीमती पिंकी देवी, अपर समाहर्ता श्री बृज किशोर चौधरी, नगर आयुक्त श्री सोमेश बहादुर माथुर, अनुमंडल पदाधिकारी, बेगूसराय सहित अन्य पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने राष्ट्रकवि दिनकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में व्याख्यान सत्र एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ‘रश्मिरथी की प्रासंगिकता आज के समय में’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. रविन्द्र कुमार वर्मा ‘रवि’, पूर्व कुलपति, बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर तथा प्रो. सिद्धेश्वर काश्यप, पी.जी. सेमेस्टर, सहरसा ने राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्य, उनकी कृतियों में निहित राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना एवं समकालीन संदर्भों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के साहित्यिक योगदान, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना एवं राष्ट्र के प्रति उनके विचारों को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि दिनकर की रचनाएं आज भी समाज में स्वाभिमान, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और जनजागरण की भावना को सशक्त करती हैं। उनकी कालजयी रचनाएं नई पीढ़ी को निरंतर प्रेरणा प्रदान कर रही हैं तथा वर्तमान समय में भी उनकी प्रासंगिकता बनी हुई है।
जयंती समारोह के अवसर पर सम्मान समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाट्य मंचन तथा कवि सम्मेलन सहित विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में साहित्य, कला एवं संस्कृति से जुड़े लोगों, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, साहित्यप्रेमियों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जिले में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की साहित्यिक विरासत, उनके राष्ट्रवादी चिंतन एवं सामाजिक सरोकारों को स्मरण करते हुए उनके विचारों और रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। राष्ट्रकवि पद्मभूषण स्वर्गीय रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की 118वीं जयंती के अवसर पर बेगूसराय के जीरो माइल, बरौनी स्थित उनकी प्रतिमा पर बरौनी रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख श्री सत्य प्रकाश तथा जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय द्वारा माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्यिक एवं राष्ट्रनिर्माण संबंधी योगदान एवं रचनाएं आज भी युवाओं एवं समाज को देशभक्ति, आत्मबल और राष्ट्रीय चेतना का संदेश देती हैं।ज्ञातव्य है कि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गांव में हुआ था। उनकी कविताओं में वीर रस एवं राष्ट्रीय चेतना का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है, जिसके कारण उन्हें ‘राष्ट्रकवि’ के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त हुआ। दिनकर जी की प्रमुख कृतियों में ‘रश्मिरथी’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘हुंकार’, ‘संस्कृति के चार अध्याय’ तथा ‘उर्वशी’ शामिल हैं। उन्हें ‘उर्वशी’ के लिए प्रतिष्ठित भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार तथा ‘संस्कृति के चार अध्याय’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री भास्कर हजारिका, मुख्य प्रबंधक (ईएमएस एवं सीएसआर) श्री नीरज कुमार, मुख्य प्रबंधक (ईएमएस, कॉर्पोरेट संचार एवं हिन्दी) श्रीमती मीनाक्षी ठाकुर तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने राष्ट्रकवि दिनकर के विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करने तथा हिंदी भाषा एवं भारतीय संस्कृति के संवर्धन हेतु सतत प्रयासरत रहने का संकल्प लिया।




