बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को मिली नई उड़ान, 10 नवजात बेटियां सम्मानित
बेगूसराय में “बेटी जन्मोत्सव सह कन्या रत्न सम्मान समारोह” का आयोजन

चूड़ामणि अनुभव/ राजीव कुमार,
बेगूसराय। बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को सदर अस्पताल, बेगूसराय में “बेटी जन्मोत्सव सह कन्या रत्न सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम, बेगूसराय की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में पिछले पांच दिनों के दौरान जन्मी 10 नवजात बेटियों को “कन्या रत्न” के रूप में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी रश्मि कुमारी के निर्देशन में हुआ। इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. अनुजा कुमारी ने नवजात बेटियों की माताओं को शुभकामनाएं देते हुए बेबी केयर किट भेंट की और बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और बेटियों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।
समारोह के दौरान माताओं एवं उनके परिजनों को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्हें वन स्टॉप सेंटर (OSC), जिला हब फॉर एम्पॉवरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW), महिला हेल्पलाइन-181, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के उद्देश्य और लाभों से अवगत कराया गया। साथ ही पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई।
वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक वीणा कुमारी ने कहा कि बेटियों के जन्म को सम्मान और उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा लैंगिक समानता को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति के तहत “बेटी है अनमोल” संदेश को घर-घर तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे लोगों में बेटियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जिले में लगातार चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों का सकारात्मक असर लिंगानुपात में भी दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम में स्वीटी कुमारी (मनो-सामाजिक परामर्शी, वन स्टॉप सेंटर), मिली कुमारी (डीएचईडब्ल्यू), रेणु कुमारी, सदर अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। समारोह के अंत में सभी लाभार्थी माताओं एवं उनके परिजनों ने अपनी बेटियों को शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने तथा उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।





