आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा में समन्वय से मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था : डीएम

चूड़ामणि अनुभव/ राजीव कुमार
बेगूसराय। राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय, बेगूसराय में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और एलोपैथी सहित सभी चिकित्सा पद्धतियों के बीच प्रतिस्पर्धा के बजाय बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। आपसी सहयोग से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के साथ मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
डीएम ने कहा कि रोगी पूरे विश्वास के साथ चिकित्सकों के पास पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सा पद्धतियों के बीच समन्वय और सहयोग की भावना से अंततः मरीजों को ही लाभ मिलेगा। उन्होंने आयुर्वेद को जीवन का विज्ञान बताते हुए कहा कि प्राचीन समय से ही इसकी उपयोगिता रही है और कोरोना काल में भी इसकी भूमिका सामने आई। उन्होंने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को गुरु के प्रति सम्मान रखने तथा गुरु-शिष्य के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने की सलाह दी। इससे आयुर्वेद के ज्ञान और सिद्धांतों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि कोई भी चिकित्सा पद्धति दूसरी की प्रतिस्पर्धी नहीं है। सभी पद्धतियों को मिलकर कार्य करना चाहिए। प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने कहा कि देश-दुनिया में आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं औषधियों की महत्ता बढ़ रही है। उन्होंने चरक के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में सदर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार सिंह समेत अन्य चिकित्सक एवं शिक्षक मौजूद रहे। इस दौरान अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के साथ वैज्ञानिक सत्र भी आयोजित हुए, जिनमें आयुर्वेद में शल्य कर्म, रस शास्त्र के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। विद्यार्थियों ने शोध-पत्र भी प्रस्तुत किए।





