नशे के कारोबार पर कसा शिकंजा, लंबित मामलों में स्पीडी ट्रायल के डीएम ने दिए निर्देश
नशे के खिलाफ सख्त अभियान

चूड़ामणि अनुभव/ राजीव कुमार,
बेगूसराय। जिले में मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित एनसीओआरडी (NCORD) समीक्षा बैठक में नशा तस्करी, लंबित मामलों, नशा मुक्ति अभियान एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मनीष, सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
समीक्षा में बताया गया कि मई 2026 के दौरान जिले के विभिन्न थानों में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े छह मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान 70 ग्राम गांजा, 149.79 ग्राम स्मैक, 239 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप तथा बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन (पेंटाजोसिन/टैजवॉन) बरामद किए गए। पुलिस ने आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। इस पर जिला पदाधिकारी ने मादक पदार्थों से जुड़े लंबित 93 मामलों का शीघ्र अनुसंधान कर स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में यह भी सामने आया कि सूखे नशे की आपूर्ति में मालदा एवं पश्चिम बंगाल के अपराधियों की संलिप्तता पाई गई है। डीएम ने एनसीबी, पटना के माध्यम से पश्चिम बंगाल की संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर अंतरराज्यीय नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में फिलहाल अवैध गांजा या अफीम की खेती की सूचना नहीं है। इसके बावजूद उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को ड्रोन कैमरों से नियमित निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि मई माह में 103 दवा दुकानों की जांच की गई, जिनमें 19 प्रतिष्ठानों की रिपोर्ट प्रतिकूल मिली। इनमें से आठ दुकानों के लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया जारी है। जिला पदाधिकारी ने रेलवे स्टेशन, गुमटियों एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि सदर अस्पताल में नशा मुक्ति के मरीजों के लिए चार बेड का विशेष वार्ड आरक्षित किया गया है तथा आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) को मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े अपराधियों का अद्यतन डाटाबेस तैयार कर उसकी प्रविष्टि सीसीटीएनएस में सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर आसूचना ब्यूरो (आईबी) से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही सभी अनुमंडलों के लिए आधुनिक ड्रग डिटेक्शन उपकरण उपलब्ध कराने हेतु पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजने की जानकारी दी गई। बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा समन्वित कार्रवाई के माध्यम से जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में अभियान तेज करने का निर्देश दिया।





