गांवों में स्वच्छता अभियान: जिला प्रशासन की निगरानी

चूड़ामणि अनुभव/ राजीव कुमार,
बेगूसराय। जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के निर्देश पर बुधवार सुबह जिले की सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता कार्यों का निरीक्षण किया गया। अभियान के तहत प्रखंड विकास पदाधिकारियों, प्रखंड समन्वयकों और जिला स्तरीय टीम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इसी क्रम में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) आकाश चौधरी ने बरौनी प्रखंड की पपरौर, महना और नूरपुर पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठाव, वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (डब्ल्यूपीयू) और स्वच्छता कर्मियों के कार्यों की समीक्षा की।
पपरौर पंचायत में डीडीसी ने वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट और नाडेप इकाई का निरीक्षण कर गीले कचरे से तैयार किए जा रहे कंपोस्ट खाद की प्रक्रिया देखी। उन्होंने अपशिष्ट पृथक्करण कार्य पर संतोष जताया तथा स्वच्छता कर्मियों से यूजर चार्ज व मानदेय भुगतान की जानकारी ली। महना पंचायत में ई-रिक्शा से कचरा संग्रहण व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। डीडीसी ने निर्देश दिया कि प्रतिदिन एकत्रित ठोस एवं प्लास्टिक कचरे का वजन लॉगबुक में दर्ज किया जाए। निरीक्षण के दौरान कुछ पैडल रिक्शों के डस्टबिन क्षतिग्रस्त मिलने पर उन्हें तत्काल बदलने तथा 15वें वित्त आयोग की राशि से स्वच्छता कर्मियों के लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया। नूरपुर पंचायत में स्वच्छता कर्मियों ने दिसंबर 2025 से मानदेय लंबित होने की शिकायत की।
इस पर डीडीसी ने जनप्रतिनिधियों को 15वें वित्त आयोग की राशि से लंबित भुगतान जल्द कराने का निर्देश दिया, ताकि स्वच्छता कार्य प्रभावित न हो। निरीक्षण के दौरान महना पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीडीसी ने निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने का निर्देश देते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती करेगा। डीडीसी ने ग्रामीणों से स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार प्रतिमाह 30 रुपये यूजर चार्ज जमा करें और उसकी रसीद अवश्य लें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यूजर चार्ज की आधी राशि स्वच्छता कर्मियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनकी कार्यप्रेरणा बनी रहे। निरीक्षण के दौरान बरौनी के प्रखंड विकास पदाधिकारी अनुरंजन कुमार, प्रखंड समन्वयक शंभू कुमार सिन्हा, संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधि, स्वच्छता पर्यवेक्षक तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।





