बाल श्रम के खिलाफ विशेष अभियान, तीन बाल श्रमिक विमुक्त

बेगूसराय/ चूड़ामणि अनुभव
बेगूसराय। जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर चलाए जा रहे विशेष धावा अभियान के तहत तीन बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया। श्रम अधीक्षक रतीश कुमार द्वारा गठित धावा दल ने साहेबपुरकमाल प्रखंड में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान साहेबपुरकमाल से दो और भगवानपुर प्रखंड से एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। सभी को आवश्यक कार्रवाई एवं पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
श्रम अधीक्षक ने बताया कि सितंबर माह में जिले के विभिन्न प्रखंडों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ढाबा, दुकान, प्रतिष्ठान, मोटर गैराज, ईंट-भट्ठा, बीड़ी एवं अन्य कारखानों सहित विभिन्न कार्यस्थलों पर बाल एवं किशोर श्रमिकों के नियोजन की जांच की जा रही है। बंधुआ श्रम से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। अभियान 30 सितंबर तक सभी प्रखंडों में जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि विमुक्त बाल श्रमिकों को शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ उनके पुनर्वास की कार्रवाई की जाती है।
नियमानुसार बाल श्रमिक नियोजित करने वाले नियोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार, बाल श्रम से जुड़े मामलों में नियोजक से प्रति बाल श्रमिक 20 हजार रुपये जिला बाल श्रमिक पुनर्वास कोष में जमा कराया जाता है। पात्र बाल श्रमिकों को तत्काल तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से पात्र विमुक्त बाल एवं किशोर श्रमिकों के पुनर्वास के लिए 25 हजार रुपये के अनुदान का प्रावधान है। जिला प्रशासन ने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और बाल श्रमिकों के संरक्षण, शिक्षा एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी




